हरा ::
उनकी हरियाली अमृत है
मौसम का
उनकी आश्वस्ति से आश्वस्त है मौसम
पतझड़ जानता है
कि उसके दुःख को सहलाने निकल आएगी लाल कोंपल
एक झड़ा हुआ पत्ता मिट्टी की सुगंध है
एक गिरा हुआ बीज मिट्टी की गोद में बैठा शिशु
एक अनागत पौध तथागत को छाया देता पीपल .
हरा रंग मौसम का निर्वाण है .
मुक्त है हर किसलय दुःख से .
हरे में होता है समय का पुनर्जन्म
मरे हुए पेड़ के छल्ले कहते हैं युग की गाथा .
युग में घूमती है धरती
धरती को हथेलियों में संभाले है
वृक्ष की एक जड़ .





